✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। जिले के पाली पढ़निया गांव में देर रात उस समय कौतूहल मच गया, जब एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव भारतीय पैंगोलिन (कहट) एक ग्रामीण के घर के आंगन में पहुंच गया। रात करीब 12:30 बजे रामरतन सिंह कंवर के परिजनों की नजर पैंगोलिन पर पड़ी। घर के आंगन में दुर्लभ वन्यजीव को देखकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए पैंगोलिन को पकड़ने या उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर वनमंडलाधिकारी कोरबा जितेंद्र उपाध्याय के निर्देश एवं उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सावधानियों के साथ पैंगोलिन को सुरक्षित रेस्क्यू किया। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके अनुकूल प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
रेस्क्यू अभियान में निखिल कंवर, गजेंद्र कंवर, मनीष, रामरतन, सत्यम, सुशील कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग किया। ग्रामीणों की सजगता और संवेदनशीलता के चलते दुर्लभ वन्यजीव को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा ने बताया कि भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध संरक्षित वन्यजीव है। यह मुख्य रूप से चींटी और दीमक का भोजन करता है तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर, खेत या जंगल के आसपास कोई वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने, घेरने या छेड़ने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम द्वारा वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। रेस्क्यू टीम से जुड़े जितेंद्र सारथी ने भी वन्यजीव संरक्षण को सामुदायिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से संकट में फंसे वन्यजीवों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की।
