सुशील जयसवाल
बस स्टैंड से बाजारपारा और दुर्गा पंडाल तक विचरण, पौधरोपण क्षेत्र में 20 से 25 सीमेंट पोल और जाली क्षतिग्रस्त
सुशील जायसवाल | कोरबी-चोटिया। कटघोरा वन मंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोरबी-चोटिया क्षेत्र में विचरण कर रहे एक लोनर दंतैल हाथी ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। हाथी बस स्टैंड से बाजारपारा और दुर्गा पंडाल के आसपास घनी आबादी वाले इलाके में घूमता रहा। इस दौरान वन विभाग के पौधरोपण क्षेत्र में लगे सुरक्षा घेराव को क्षतिग्रस्त करने के साथ पौधों और समरसेबल बोर को भी नुकसान पहुंचाया। हाथी की मौजूदगी से पूरी रात क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा।
पौधरोपण क्षेत्र में भारी नुकसान
मिली जानकारी के अनुसार, दंतैल हाथी ने सीए रोपण OA716 में लगे जालीदार घेराव और उसे सहारा देने वाले सीमेंट के पोल को तोड़ दिया। परिक्षेत्र सहायक सुनील डिक्सेना के अनुसार, हाथी के उत्पात से लगभग 20 से 25 सीमेंट पोल और उनसे जुड़ी जाली क्षतिग्रस्त हुई है। इसके अलावा पौधरोपण क्षेत्र में लगे पौधों तथा समरसेबल बोर को भी नुकसान पहुंचा है।

वन विभाग ने पौधों की सुरक्षा और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में पौधरोपण कराया था। हाथी के उत्पात से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने के कारण पौधों को सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ गई है।
बस स्टैंड से बाजारपारा तक विचरण
कोरबी-चोटिया का बस स्टैंड, बाजारपारा और दुर्गा पंडाल के आसपास का क्षेत्र लोगों की आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे में रात के समय हाथी के पहुंचने से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया। लोगों को आशंका है कि हाथी दोबारा बस्ती की ओर पहुंचा तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जानकारी के मुताबिक, पौधरोपण क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी कोरबी बीट की ओर बढ़ गया। उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखना वन विभाग के लिए जरूरी हो गया है, ताकि हाथी के दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने पर समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।
मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती चुनौती
वन क्षेत्रों से लगे गांवों में हाथियों की आवाजाही ग्रामीणों के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। एक ओर वन विभाग पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हाथियों के विचरण से पौधों और सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और आबादी वाले क्षेत्रों में उसके प्रवेश की स्थिति में तत्काल सूचना देने की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई है।
वन विभाग ने सतर्कता बरतने की जरूरत
हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर जाने से बचना चाहिए। हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने, फोटो-वीडियो बनाने, शोर मचाने या उसे भगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को देना सुरक्षित रहेगा। अब क्षतिग्रस्त पौधरोपण क्षेत्र की मरम्मत और हाथी की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर वन विभाग की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
