कोरबा: कर्ज के नाम पर ब्लैंक चेक और बैंक खाते के दुरुपयोग का आरोप, एस पी आफिस में की शिकायत….

✍️ भागीरथी यादव

 

कई लोगों को ब्याज के जाल में फंसाने, चेक अनादरण के मामले दर्ज कराने और नौकरी छिनने की धमकी देने का आरोप; करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच की मांग

 

कोरबा। जिले में कर्ज देने के नाम पर लोगों के बैंक खाते, एटीएम और ब्लैंक चेक अपने कब्जे में लेकर कथित रूप से उनका दुरुपयोग करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में इरफान कुरैशी उर्फ मोनू सहित कई लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन रामपुर में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इरफान कुरैशी जरूरतमंद एवं नौकरीपेशा लोगों को रकम उधार देकर सुरक्षा के नाम पर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और हस्ताक्षरयुक्त खाली चेक अपने पास रख लेता था। इसके बाद कथित तौर पर स्टाम्प पेपर पर लेनदेन संबंधी दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन दस्तावेजों और ब्लैंक चेक के माध्यम से उन्हें दबाव में रखा जाता था।

आवेदन के अनुसार, कर्ज की रकम पर कई गुना ब्याज की मांग की जाती थी। रकम चुकाने में असमर्थता जताने पर चेक में मनमाने तरीके से नाम, तारीख और राशि भरकर बैंक में लगाया जाता था। चेक अनादरित होने के बाद कानूनी नोटिस भेजकर न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने तथा नौकरी छिनने का भय दिखाकर कथित रूप से दबाव बनाया जाता था।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले

 

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2024 में भी इस मामले से जुड़े कई पीड़ितों ने पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर एवं थाना सिविल लाइन रामपुर में शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों के आधार पर अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए गए थे। आवेदन में दावा किया गया है कि संबंधित मामलों में चालान न्यायालय में पेश हो चुके हैं और कुछ प्रकरण अभी विचाराधीन हैं। आरोपी पूर्व में जेल में भी रह चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर बाहर है।

 

बैंक खातों के जरिए करोड़ों के लेनदेन का आरोप

 

शिकायत का एक गंभीर पहलू बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों के बैंक खातों में अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक कराकर एटीएम, चेकबुक तथा यूपीआई की सुविधा अपने नियंत्रण में रखी गई। इन खातों के माध्यम से रकम जमा कराने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने और निकासी किए जाने का आरोप है।

 

एक शिकायतकर्ता के बैंक खातों में वर्ष 2023 से 2026 के बीच एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का उल्लेख किया गया है। वहीं, एक अन्य संयुक्त बैंक खाते में वर्ष 2022-23 के दौरान लगभग 24 से 25 लाख रुपये के लेनदेन की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनकी वास्तविक मासिक आय काफी कम होने के बावजूद उनके खातों में लाखों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था।

 

कई अन्य लोगों के नाम भी शिकायत में शामिल

 

आवेदन में ताजुद्दीन, रियाजुल, रागिनी चौहान, अमित मलिक, अनुराधा निषाद सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से चेक अनादरण के मामले प्रस्तुत कराए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इनमें से कई लोगों से उनका कोई व्यक्तिगत लेनदेन नहीं रहा है।

 

फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित बैंक खातों के लेनदेन, चेकबुक, एटीएम, मोबाइल नंबर और कथित वित्तीय गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।