✍️ भागीरथी यादव
गीतकुंवारी के 1200 एकड़ खेतों की सिंचाई का एकमात्र सहारा है वर्षों पुराना बांध, ग्रामीणों ने वन विभाग के कार्य पर जताई आपत्ति
कोरबा। जिले के गीतकुंवारी क्षेत्र में बांध निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। ग्राम गीतकुंवारी के ग्रामीणों ने वन विभाग के फॉरेस्ट बीट क्षेत्र में गिरारी गांव के लोगों द्वारा मशीनों के माध्यम से कराए जा रहे बांध निर्माण पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर कोरबा से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित निर्माण से उनके गांव का वर्षों पुराना बांध प्रभावित हो सकता है, जिससे खेती और सिंचाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो जाएगा।
कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, ग्राम गीतकुंवारी के लेबेद नाला में लगभग 70 से 80 वर्ष पूर्व गांव के पूर्वजों द्वारा मिट्टी का बांध बनाया गया था। वर्तमान में भी ग्रामीण आपसी सहयोग से इस बांध की मरम्मत और रखरखाव करते आ रहे हैं। इसी बांध में जमा पानी से गांव के लगभग 1200 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह बांध उनकी खेती के लिए सिंचाई का एकमात्र प्रमुख आधार है।
आवेदन में बताया गया है कि इसी लेबेद नाला में पुराने बांध से लगभग 500 मीटर नीचे गिरारी गांव के लोगों द्वारा मशीनों से नया बांध बनाया जा रहा है। ग्रामीणों की आशंका है कि नए बांध के निर्माण से पानी का दबाव और जलभराव बढ़ सकता है, जिससे गीतकुंवारी का पुराना बांध डूबान क्षेत्र में आकर क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे सैकड़ों किसानों की खेती प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि फॉरेस्ट बीट क्षेत्र में कराए जा रहे बांध निर्माण कार्य को तत्काल निरस्त कराया जाए। साथ ही संबंधित विभाग को मौके पर जांच कराकर आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने राजस्व विभाग, वन विभाग और जल संसाधन विभाग को भी आवेदन की प्रतिलिपि सौंपते हुए मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

