
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर/बलौदाबाजार।
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते बलौदाबाजार में पदस्थ श्रम निरीक्षक श्री रामचरन कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही करने के आरोप लगाए गए थे।
श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को गठित जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान अनियमितताएँ एवं कथित अवैध वसूली की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि में श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा और उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) निर्धारित किया गया है।
विभाग ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना भेजते हुए कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में जांच आगे भी जारी रहेगी।





