
बिलासपुर।
एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अक्सर आरोपी तकनीकी खामियों का सहारा लेकर कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग रही। बिलासपुर पुलिस ने परंपरागत तरीके नहीं, बल्कि सटीक विवेचना को हथियार बनाया—और नतीजा ऐतिहासिक सज़ा के रूप में सामने आया।
तकनीक नहीं, कानून बोला
पुलिस ने जब्ती से लेकर सैंपलिंग तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया। हर प्रक्रिया में शुद्धता और पारदर्शिता रखी गई, जिससे बचाव पक्ष के लिए तकनीकी दांव-पेंच बेअसर साबित हुए।
रिकॉर्ड समय में चालान
गिरफ्तारी के महज तीन महीने के भीतर—07 नवंबर 2023 को—पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी। इस तेज़ और सटीक कार्रवाई ने मुकदमे की दिशा तय कर दी।
अदालत में दमदार पक्ष
विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा और विवेचक सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने अदालत के सामने ऐसे साक्ष्य रखे कि आरोपी का बचाव टिक नहीं सका। गवाहों, दस्तावेज़ों और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स की कड़ी इतनी मजबूत थी कि न्यायालय को सख्त संदेश देने का आधार मिल गया।
न्यायालय का कड़ा रुख
न्यायाधीश श्रीमती किरण त्रिपाठी की अदालत ने इस अपराध को समाज के लिए गंभीर खतरा मानते हुए 3 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। आदेश स्पष्ट था—नशे के कारोबारियों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं।
सजा: 15 साल का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना।
यह फैसला उन सभी के लिए चेतावनी है जो बिलासपुर की फिज़ा में नशे का ज़हर घोलने का मंसूबा रखते हैं।
वर्दी का सम्मान, व्यवस्था की पहचान
इस पूरी कानूनी लड़ाई के असली नायक रहे सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह। उनकी पेशेवर और अनुशासित विवेचना से प्रभावित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (IPS) ने उन्हें पुरस्कृत किया। यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि उस कार्यसंस्कृति का प्रमाण है जहाँ क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दी जा रही है।
घटना की शुरुआत
11 अगस्त 2023 को सिविल लाइन थाने के सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह को एक छोटा लेकिन खतरनाक इनपुट मिला—“मिनी बस्ती का एक युवक युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने की तैयारी में है।” पुलिस ने बिना देर किए जाल बिछाया। जरहाभाठा की तंग गलियों में कबाड़ी दुकान के पास घेराबंदी कर 23 वर्षीय आकाश कुर्रे को दबोच लिया गया।
यह मामला साबित करता है कि जब विवेचना सटीक हो और इरादे मजबूत हों—तो कानून की जीत तय होती है।






