छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप: आंगनबाड़ी टाइमिंग कम, खराब साड़ियों पर सख्त रुख

 

*सुशील जायसवाल*

 

*रायपुर।* छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बच्चों और महिलाओं की सेहत पर पड़ रहे असर को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। अब राज्य के आंगनबाड़ी केंद्र सीमित समय, यानी लगभग 4 घंटे ही संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गर्मी से राहत मिल सके।

 

इसी बीच महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी वितरण का मामला भी चर्चा में है। विभाग के अनुसार साड़ियों का वितरण तय मानकों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया था। हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को साल में दो साड़ियां यूनिफॉर्म के रूप में देने का प्रावधान है, जिसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं।

 

राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को दिया गया था। साड़ियों के रंग, डिजाइन और लंबाई के लिए स्पष्ट मानक तय किए गए थे—साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और ब्लाउज पीस सहित कुल लंबाई 6.30 मीटर निर्धारित की गई थी। आपूर्ति से पहले सैंपल की जांच मुंबई की एक तकनीकी एजेंसी द्वारा कराई गई, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई थी।

 

हालांकि वितरण के बाद दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से कुछ शिकायतें सामने आईं। शिकायतों में साड़ी की लंबाई कम होना, धागे निकलना और रंग छोड़ने जैसी समस्याएं बताई गईं। इस पर विभाग ने तुरंत जांच समिति गठित कर मामलों की जांच शुरू कर दी।

 

जांच में कुछ स्थानों पर लंबाई और गुणवत्ता में कमी की पुष्टि हुई। विभाग का कहना है कि कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की समस्या कुछ जगह देखने को मिली, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य रही। इसके बावजूद विभाग ने सभी जिलों को साड़ियों की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए हैं।

 

साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी मानक के अनुरूप साड़ियां नहीं मिली हैं, उन्हें बदलकर नई और गुणवत्तापूर्ण साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं। विभाग ने यह भी कहा है कि जारी कार्यादेश में गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायत मिलने पर सामग्री बदलने की शर्त पहले से ही शामिल थी।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को मानक के अनुरूप साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, गर्मी के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में कटौती का फैसला बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।