
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। अग्रवाल समाज में अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर इस बार माहौल बेहद गरमाता जा रहा है। समाज के भीतर अब सिर्फ पदों की लड़ाई नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं को लेकर सीधा टकराव देखने को मिल रहा है।
चुनावी मैदान में पवन अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल और विनोद अग्रवाल जैसे नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं, वहीं 19 अप्रैल नामांकन वापसी की अंतिम तिथि और 21 अप्रैल को प्रस्तावित मतदान से पहले ही विवाद ने तीखा रूप ले लिया है।
“जमीन मिली, भवन कब बनेगा?”
समाज के प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि सरकार के राजस्व मंत्री जो समाज से ही आते है उनके अथक प्रयास से वर्षों पहले अग्रवाल समाज को जमीन आबंटित की जा चुकी है, लेकिन आज तक उस पर सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण नहीं हो सका।
इस वजह से समाज के लोगों को शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए बड़े होटल और रिसॉर्ट्स में लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
चुनाव से पहले शपथ पत्र की मांग
अब समाज के दर्जनों वरिष्ठ और प्रभावशाली लोगों ने साफ चेतावनी दी है—
👉 जब तक चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी लिखित शपथ पत्र देकर यह वादा नहीं करते कि वे भवन निर्माण को प्राथमिकता देंगे, तब तक चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
चुनाव टालने की उठी मांग
मामला यहीं नहीं थमा। प्रबुद्धजनों ने मांग रखी है कि:
• चुनाव को फिलहाल स्थगित किया जाए
• पहले भवन निर्माण पर स्पष्ट रोडमैप और समयसीमा तय की जाए
• प्रत्याशियों से विधिवत प्रतिबद्धता ली जाए
बड़ी बैठक की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर जल्द ही समाज के दर्जनों गणमान्य लोगों की एक वृहद बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
समाज में बढ़ती नाराजगी
समाज के भीतर यह भावना तेजी से उभर रही है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्य चाहिए।
अगर भवन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्पष्टता नहीं आई, तो चुनाव का विरोध और भी तेज हो गा वही ऐसा व्यक्ति समाज से सामने आए जो ऐसे वृहद कार्य को पूरा करने का जज्बा रखें
