कोरबा : अवैध महुआ शराब से परेशान तीन गांवों की महिलाएं पहुंचीं कलेक्टेड देखें वीडियो…..

✍️ भागीरथी यादव

 

बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा, स्कूल जाने के बहाने घर का सामान तक बेचकर शराब पीने लगे बच्चे; ग्रामीणों ने बस किराए में खर्च किए 8 हजार रुपये

 

कोरबा। जिले के तीन गांवों में कथित अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण और बिक्री से परेशान महिलाओं ने अब जिला प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है। ग्राम पंचायत पहंदा, तिलकेजा और पताड़ी क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर अवैध शराब के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों तक पहुंचने के लिए बस किराए में ही करीब 8 हजार रुपये खर्च कर गांव से आईं।

बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित महिलाएं

 

महिलाओं ने अपनी शिकायत में बताया कि संबंधित गांवों और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से कथित तौर पर अवैध कच्ची महुआ शराब बनाई और बेची जा रही है। उनका आरोप है कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण गांव के बच्चे और युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्थिति इतनी चिंताजनक बताई गई कि कुछ बच्चे स्कूल जाने के बहाने घर से निकलते हैं और शराब पीने के लिए घर का सामान तक बेच देते हैं।

महिलाओं का कहना है कि इस स्थिति से परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और बच्चों की पढ़ाई तथा भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीण परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर बेहतर भविष्य बनाना चाहते हैं, लेकिन शराब की लत और इसकी आसान उपलब्धता उनके लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

कई गांवों में अवैध शराब निर्माण का आरोप

 

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम पंचायत पहंदा-तिलकेजा क्षेत्र के खैरसामुड़ा, कुसमीभांठा, आमापाली, धवईभांठा तथा ग्राम पंचायत पताड़ी क्षेत्र के बेंगचुलभांठा और दरसरा भांठा सहित आसपास के इलाकों में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाए जाने की शिकायत की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गतिविधि के कारण बच्चों, युवाओं और मेहनतकश लोगों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

 

कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेगी परेशानी

 

महिलाओं ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्रों में जांच कराई जाए। अवैध शराब निर्माण और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा गांवों में शराब की अवैध उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

 

तीन गांवों से महिलाएं जिस तरह अपनी परेशानी लेकर अधिकारियों तक पहुंचीं और बस किराए में 8 हजार रुपये खर्च किए, उससे उनकी चिंता स्पष्ट होती है। अब ग्रामीणों को प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।