
✍️ सुशील जायसवाल
डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर सरकारी भूमि को निजी नाम पर चढ़ाया, बैंक से लिया गया लोन
कोरबा (छत्तीसगढ़)। पुलिस चौकी कोरबी, थाना पसान क्षेत्र में शासकीय भूमि के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। मामले में हल्का पटवारी जितेंद्र भावे (38 वर्ष) निवासी सिलादीह, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार पोड़ी उपरोड़ा सुमन दास मानिकपुरी द्वारा 18 सितंबर 2025 को चौकी कोरबी में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम लालपुर स्थित खसरा नंबर 89/82, 89/83, 89/84, 89/85 की कुल 9.0340 हेक्टेयर शासकीय भूमि को आरोपी शिवचरण कौशल द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने नाम पर दर्ज कराया गया और बैंक से ऋण लेकर उसे बंधक रखा गया।
इसी प्रकार ग्राम घूचापुर की खसरा नंबर 206/8, 208/11, 108/12 की कुल 4.595 हेक्टेयर शासकीय भूमि को आरोपी अजय कुमार यादव द्वारा अपने नाम पर दर्ज कराकर बैंक से लोन लेने का मामला भी सामने आया।
शिकायत के आधार पर चौकी कोरबी में अपराध क्रमांक 181/2025 एवं 182/2025 के तहत धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हल्का पटवारी जितेंद्र भावे ने अपने डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए शासकीय भूमि को आरोपियों के नाम पर चढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कूटरचना कर आरोपियों को अवैध लाभ पहुंचाया।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
इस कार्रवाई से शासकीय भूमि से जुड़े फर्जीवाड़े पर प्रशासन की सख्ती साफ नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
