“CSEB की लापरवाही पर बवाल: मजदूर की मौत पर युवा कांग्रेस सख्त, कटघोरा SDM को दिया ज्ञापन FIR की मांग”

✍️ भागीरथी यादव

 

झाबू राखड़ बांध हादसे समेत कई घटनाओं पर कार्रवाई की मांग, ADM स्तर पर जांच टीम गठित

 

कोरबा। जिले में CSEB प्रबंधन की कथित लापरवाही को लेकर युवा कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) के जिला उपाध्यक्ष विवेक श्रीवास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना को ज्ञापन सौंपते हुए झाबू राखड़ बांध हादसे सहित कई गंभीर मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि 19 अप्रैल 2026 को नवागांव स्थित CSEB पावर प्लांट के झाबू राखड़ बांध के टूटने से बड़ा हादसा हुआ, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। यह पहली घटना नहीं है—इससे पहले 26 जून 2025 को भी इसी तरह का हादसा हो चुका है, जिससे किसानों, मजदूरों और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंची थी। बावजूद इसके, प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 7 अगस्त 2025 को पश्चिम पावर प्लांट में ठेका श्रमिक सुरेंद्र साहू की बिजली करंट से मौत हो गई थी, लेकिन आज तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

इसके अलावा दर्री स्थित मिनी हाइडल प्लांट के स्टॉप डैम टूटने की घटना का भी उल्लेख किया गया, जिसमें प्लांट परिसर में गर्म पानी भर गया था और कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ गई थी। इसे भी सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी बताया गया।

ज्ञापन में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया कि हालिया झाबू राखड़ डैम हादसे में मृतक JCB चालक का EPF और ESIC जैसे अनिवार्य श्रमिक पंजीकरण तक नहीं कराया गया था, जो श्रमिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

युवा कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित परिवार आज भी मुआवजा और रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि प्रशासन सीमांकन जैसी प्रक्रियाओं का हवाला देकर मामले को टाल रहा है।

मुख्य मांगें:

सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच

CSEB प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई

सभी श्रमिकों का अनिवार्य पंजीकरण (EPF, ESIC)

प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और रोजगार

भविष्य में हादसों की रोकथाम के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था

प्रशासन का पक्ष:

कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना (IAS) ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।