✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर। सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं में यातायात नियमों के पालन की भावना विकसित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा एक भव्य यातायात प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुरु घासीदास विद्यालय बिलासपुर के रजत जयंती सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला में 1000 से अधिक एनसीसी एवं स्काउट गाइड कैडेट्स ने भाग लिया।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में कैडेट्स को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान युवाओं को बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक प्रभावित वर्ग युवा वर्ग ही होता है। इसलिए यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर रोक तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से बचना अत्यंत आवश्यक है।
यातायात अधिकारियों ने युवाओं को सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए खतरनाक स्टंट करने, तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने तथा अमानक हाई-बीम लाइटों के उपयोग से होने वाले खतरों के बारे में भी विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षण में आधुनिक यातायात प्रबंधन तकनीकों जैसे आईटीएमएस (ITMS), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन प्रणाली, पीओएस मशीन तथा बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से की जाने वाली स्मार्ट कार्रवाई की जानकारी भी कैडेट्स को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इस अवसर पर कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश सहित एनसीसी, स्काउट गाइड और आर्मी स्टाफ के अधिकारी मौजूद रहे।
यातायात पुलिस बिलासपुर ने कार्यक्रम में शामिल 1000 से अधिक एनसीसी एवं स्काउट गाइड कैडेट्स को “यातायात पुलिस का ब्रांड एंबेसडर” घोषित करते हुए उनसे सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
