बिलासपुर में बवाल, पथराव के दौरान टीआई के सिर पर लगी चोट

 ✍️ भागीरथी यादव

 

बिलासपुर। शहर में शुक्रवार देर रात दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके में हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव, मारपीट और तोड़फोड़ शुरू हो गई। घटना में 12 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

 

रास्ते से निकलने को लेकर शुरू हुआ विवाद

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रास्ते से निकलने की बात को लेकर कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों पक्षों से और लोग मौके पर पहुंचने लगे और कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भी विवाद बढ़ने की बात सामने आई। देखते ही देखते इलाके में पथराव शुरू हो गया।

 

हंगामे के दौरान आसपास खड़े कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कुछ घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अचानक बढ़े तनाव के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

पुलिस पर भी पथराव, कई जवान घायल

 

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को संभालने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उपद्रव के दौरान पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में चोट लगी। एक आरक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है।

 

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और अश्रु गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद काफी देर तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। कोतवाली थाना परिसर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही।

 

एसएसपी ने संभाली कमान, अतिरिक्त बल बुलाया

 

हालात बिगड़ते देख एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों को हेलमेट पहनकर प्रभावित क्षेत्र में उतरना पड़ा।

 

तनाव को देखते हुए जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ सहित जिले के विभिन्न स्थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बिलासपुर बुलाया गया। संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई। कुछ क्षेत्रों में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा गया।

 

बताया जा रहा है कि रात करीब डेढ़ बजे पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उपद्रवियों को इलाके से खदेड़ दिया। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्धों और उपद्रव में शामिल लोगों की तलाश शुरू की गई।

 

देर रात तक थाने के बाहर जुटी रही भीड़

 

घटना की जानकारी फैलने के बाद आसपास के इलाकों से भी लोग खपरगंज और कोतवाली क्षेत्र में पहुंचने लगे। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी थाने पहुंचे। तड़के करीब 4 बजे तक थाना परिसर और आसपास लोगों की मौजूदगी बनी रही।

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की। पूरे शहर से पुलिस बल को मुख्यालय बुलाकर संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया।

 

वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान

 

पुलिस अब घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों और सामने आए वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। इनके आधार पर पथराव, तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है।

 

फिलहाल प्रभावित इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।