
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 30 अप्रैल 2026।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती जिंदगी अचानक थम गई, जब देर रात एक ट्रेलर चालक को निशाना बनाकर दो युवकों ने फिल्मी अंदाज में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बांगो थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने हाईवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रात 2 बजे, सुनसान सड़क और घात लगाए बैठे आरोपी
26 अप्रैल की रात करीब 2 बजे हसदेव नदी के पास ट्रेलर चालक सलमान अंसारी (निवासी अंबिकापुर) तकनीकी खराबी के चलते सड़क किनारे रुका था। तभी बिना नंबर प्लेट की सफेद बोलेरो वहां आकर रुकी—और यहीं से शुरू हुआ खौफनाक घटनाक्रम।
‘कागज दिखाओ’ से शुरू, ‘जान से मार देंगे’ तक पहुंची बात
दोनों युवकों ने पहले कागजात जांचने के बहाने बातचीत शुरू की, फिर अचानक गाली-गलौज और धमकी पर उतर आए। चालक को जबरन बोलेरो में बैठाकर उसके साथ लूटपाट की गई।
कैश के साथ डिजिटल लूट—QR कोड से भी वसूली
आरोपियों ने चालक से 7,800 रुपये नकद छीने और फिर क्यूआर कोड स्कैन कर 1,700 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा लिए। कुल 9,500 रुपये लूटकर आरोपी फरार हो गए। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि अपराधी अब डिजिटल माध्यमों का भी दुरुपयोग कर रहे हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीक बनी हथियार
पीड़ित की शिकायत पर बांगो पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल ट्रांजेक्शन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
बिलासपुर के निकले आरोपी, जुर्म कबूला
गिरफ्तार आरोपी रौनक सिंह (20) और कुनाल रजक (19), बिलासपुर के तिफरा विद्युतनगर क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना नंबर की बोलेरो और लूट की रकम में से 800 रुपये बरामद किए हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
दोनों आरोपियों को 28 अप्रैल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सवाल बरकरार:
क्या हाईवे पर रात के समय सुरक्षा पर्याप्त है? और क्या डिजिटल पेमेंट अब अपराधियों का नया हथियार बनता जा रहा है?
