आंधी बनी काल: पेड़ की डंगाल गिरने से तीन आदिवासी बच्चों की दर्दनाक मौत

✍️ भागीरथी यादव

 

 

पाली/कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत पहाड़ गांव में शनिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने तीन मासूम आदिवासी बच्चों की जिंदगी छीन ली। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े बच्चों पर अचानक भारी डंगाल गिर गई, जिससे तीनों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पहाड़ के आश्रित बाइसेमार मोहल्ले में रहने वाले कमलेश कुमार, दिनेश तिर्की और शिव टेकाम शनिवार शाम घर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए तीनों बच्चे पास के एक बड़े पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए।

बताया जा रहा है कि आंधी की रफ्तार काफी तेज थी। इसी बीच पेड़ की एक विशाल डंगाल टूटकर सीधे बच्चों के ऊपर आ गिरी। हादसे में तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल होकर डंगाल के नीचे दब गए।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल बच्चों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाने लगे। लेकिन एक बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य बच्चों की अस्पताल पहुंचने के बाद मौत हो गई।

दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मृतक परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता एवं राहत प्रदान करने की मांग की है।

यह हादसा खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने के जोखिम को भी उजागर करता है। अचानक आने वाले आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेना ही बेहतर विकल्प माना जाता है।

फिलहाल पूरे पहाड़ गांव में शोक का माहौल है और तीन मासूम बच्चों की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।