
✍️ भागीरथी यादव
*ओल्ड पेंशन, नियमितीकरण और सीधी भर्ती की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन का प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज*
रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा कर्मचारियों एवं बेरोजगार युवाओं के हित में चलाया जा रहा प्रदेशव्यापी आंदोलन अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। संगठन द्वारा अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के 65 मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों को ज्ञापन सौंपकर उनका समर्थन प्राप्त किया जा चुका है। कई जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की है।
जनता यूनियन द्वारा चलाए गए “प्रदेशव्यापी जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान-2026” के अंतर्गत प्रदेशभर के मंत्री, विधायक एवं सांसदों से उनके निवास एवं कार्यालयों में मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा गया। साथ ही केंद्रीय स्तर के सांसदों को भी ई-मेल के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया गया।
संगठन की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, विद्युत कंपनियों में रिक्त पदों पर तत्काल सीधी भर्ती तथा कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
कर्मचारियों की कमी से चरमराई विद्युत व्यवस्था
जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था आज गंभीर कर्मचारी संकट से जूझ रही है। विद्युत कंपनियों में विभिन्न संवर्गों के 6000 से अधिक पद रिक्त हैं, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 60 प्रतिशत है। लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच सीमित कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, जिसके कारण कार्यरत कर्मचारियों पर मानसिक एवं शारीरिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के चलते संविदा एवं ठेका कर्मियों को भी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर जोखिमपूर्ण कार्य करना पड़ रहा है। इसके कारण दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है और कई कर्मचारी असमय अपनी जान गंवा चुके हैं। इसका सीधा असर प्रदेश की विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
द्विवेदी ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रबंधन वर्षों से भर्ती प्रक्रिया टालकर विद्युत व्यवस्था को ठेका आधारित मॉडल की ओर धकेल रहे हैं। आज स्थिति यह है कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था का बड़ा हिस्सा ठेका एवं बाह्यस्त्रोत कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता यूनियन किसी भी स्थिति में विद्युत कंपनियों के निजीकरण अथवा कर्मचारियों के अधिकारों पर कुठाराघात को स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
65 जनप्रतिनिधियों के बाद अब प्रबंधन को जगाने मैदान में उतरेंगे कर्मचारी
जनता यूनियन के प्रांतीय महासचिव अजय बाबर ने बताया कि जनप्रतिनिधियों तक कर्मचारियों की आवाज पहुंचाने के बाद संगठन अब आंदोलन के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 5 जून से 12 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में “ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में मुख्य अभियंताओं एवं कार्यपालक निदेशकों के कार्यालयों के समक्ष कर्मचारियों द्वारा ढोल बजाकर, नारे लगाकर तथा ज्ञापन सौंपकर शीर्ष प्रबंधन का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित नियमितीकरण, पुरानी पेंशन, रिक्त पदों पर भर्ती और चिकित्सा सुविधाओं जैसे मुद्दों पर प्रबंधन की चुप्पी अब स्वीकार्य नहीं है। यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो संगठन आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने के लिए बाध्य होगा।
इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान, रीजनवार प्रभारी नियुक्त
“ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ” अभियान को सफल बनाने के लिए जनता यूनियन ने प्रदेश के सभी 10 क्षेत्रों हेतु वरिष्ठ पदाधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया है।
अम्बिकापुर क्षेत्र – जे.पी. पटेल एवं एच.एल. पटेल
बिलासपुर क्षेत्र – प्रदीप शर्मा एवं वेदराम निर्मलकर
रायगढ़ क्षेत्र – यू.एस. वर्मा एवं रितेश नागेश
रायपुर क्षेत्र – अवधेश साहू एवं कान्हालाल कौशिक
दुर्ग क्षेत्र – यतीश वर्मा एवं वीरेंद्र पाठक
राजनांदगांव क्षेत्र – सत्यजीत ठाकुर एवं लोकेश्वर श्रीवास
जगदलपुर (बस्तर) क्षेत्र – जॉर्ज के.के. एवं सत्यजीत चौधरी
कोरबा पश्चिम क्षेत्र – सम्मेलाल श्रीवास एवं गेंदराम साहू
कोरबा पूर्व क्षेत्र – टी.पी. गुप्ता एवं उदय राठौर
मड़वा (जांजगीर-चांपा) क्षेत्र – रवि साइमन एवं राहुल धुरंधर
अभियान के दौरान अम्बिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर, कोरबा पूर्व, कोरबा पश्चिम, मड़वा (जांजगीर-चांपा), दुर्ग, राजनांदगांव एवं जगदलपुर (बस्तर) सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा शीघ्र जारी की जाएगी।
जनता यूनियन ने प्रदेश के सभी विद्युत कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, बाह्यस्त्रोत कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों एवं बेरोजगार युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की बेहतर, सुरक्षित एवं सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी संघर्ष है।
संगठन का कहना है कि रिक्त पदों पर भर्ती, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यक्षमता में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवाएं प्राप्त होंगी।
