सुशील जायसवाल
कोरबा/पसान।
कोरबा जिले के पसान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेलियामार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। ग्राम की एक महिला ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए पंचायत के सरपंच और सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता, फर्जीवाड़ा तथा उसके नाम स्वीकृत आवास को किसी अन्य व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।

महिला का कहना है कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आवास निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान उसका पुराना घर भी तोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। आरोप है कि बाद में उसी आवास को किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्शाकर योजना का लाभ दिला दिया गया, जबकि वह स्वयं आज भी पक्के मकान से वंचित है।
*जनदर्शन में छलका दर्द बोली* *– मेरा आवास मुझसे छीन लिया गया*
पीड़ित महिला ने जनदर्शन में अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर गंभीर अनियमितता की गई है। उसका आरोप है कि आवास योजना की राशि का दुरुपयोग किया गया और पात्र हितग्राही होने के बावजूद उसे उसका अधिकार नहीं मिला। महिला ने बताया कि वह लंबे समय से पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है।
महिला ने शिकायत में कहा कि उसका घर तोड़ दिए जाने के बाद परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह अस्थायी व्यवस्था में जीवन-यापन करने को मजबूर है।
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*सरपंच और सचिव के खिलाफ* *जांच की मांग*
महिला ने कलेक्टर को दिए आवेदन में संबंधित सरपंच और सचिव के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसका अधूरा प्रधानमंत्री आवास पूर्ण कराने तथा योजना का वास्तविक लाभ दिलाने की भी गुहार लगाई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत स्तर पर हुए कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। महिला का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए संचालित योजना में यदि इस प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है ।
*प्रशासनिक जांच के बाद ही* *स्पष्ट होंगे तथ्य*
फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है और प्रशासनिक जांच की मांग की गई है। अभी तक पंचायत प्रतिनिधियों अथवा संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही और अनियमितता का मामला माना जाएगा।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।
