खाने की तलाश में गांव पहुंचा अधेड़ भालू कुएं में गिरा, वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी

सुशील जायसवाल

 

कोरबा/कटघोरा। कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चिंदियां में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब भोजन की तलाश में गांव की ओर आया एक अधेड़ भालू अचानक एक खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई, वहीं वन विभाग की टीम तत्काल पहुंचकर भालू को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान में जुट गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चिंदियां निवासी एवं पूर्व सरपंच बारेलाल सिंह के घर के पास लगे कटहल के पेड़ पर भालू चढ़ गया था। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जंगलों में भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी दौरान यह भालू भी खाने की तलाश में गांव पहुंचा और कटहल खाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया।

ग्रामीणों के अनुसार जब घर के सदस्य बाहर निकले तो भालू घबरा गया। लोगों की हलचल और शोर सुनकर वह तेजी से भागने लगा। इसी दौरान अंधेरे और घबराहट में उसे पास में स्थित कुआं दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें जा गिरा। कुएं में गिरते ही तेज आवाज हुई, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और भालू को कुएं के भीतर देखा।

घटना की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण कुएं के आसपास एकत्र हो गए। स्थिति को देखते हुए गांव के लोगों ने तुरंत केंदई रेंज के वन अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों को दूर रहने की हिदायत दी गई, ताकि भालू और अधिक तनावग्रस्त न हो।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भालू को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण कार्य है। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि जानवर को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। कुएं की गहराई अधिक होने और भालू के भयभीत होने के कारण अभियान सावधानीपूर्वक चलाया जा रहा है। आवश्यक उपकरण मंगाए गए हैं तथा विशेषज्ञ कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भालू कुएं के भीतर लगातार इधर-उधर घूमने की कोशिश कर रहा था, जिससे उसके घायल होने की आशंका भी बनी हुई है। वन विभाग की टीम समय-समय पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ग्रामीणों ने बताया कि चिंदियां और आसपास के गांवों में पहले भी भालुओं की आवाजाही देखी गई है, लेकिन इस तरह कुएं में गिरने की घटना पहली बार सामने आई है। लोगों ने वन विभाग से गांव के आसपास खुले कुओं को सुरक्षित कराने और जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में जंगलों में प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता प्रभावित होने पर भालू अक्सर फलदार पेड़ों और मानव बस्तियों की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे समय ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने तथा किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसे उकसाने या घेरने से बचने की सलाह दी जाती है।

समाचार लिखे जाने तक भालू को कुएं से बाहर नहीं निकाला जा सका था और वन विभाग का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी था। पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर उत्सुकता बनी हुई है तथा ग्रामीण सुरक्षित रेस्क्यू की प्रार्थना कर