कटघोरा थाना के आरक्षक प्रदीप राठौर एवं रामधन पटेल रिश्वतखोरी के आरोप मे निलंबित

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा, 6 अगस्त। कोरबा जिले में पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए कटघोरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच में रिश्वत लेने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद की।

मिली जानकारी के अनुसार 4 अगस्त 2026 को एक आवेदक ने पुलिस अधीक्षक को शपथपत्र प्रस्तुत कर शिकायत की थी कि कटघोरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों ने एक प्रकरण में कार्रवाई के नाम पर उससे अवैध रूप से राशि की मांग कर पैसे लिए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की प्रारंभिक जांच एसडीओपी कटघोरा से कराई गई।

जांच प्रतिवेदन में दोनों आरक्षकों के विरुद्ध कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही, संदिग्ध कार्यशैली, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने की बात सामने आई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि उनका आचरण पुलिस रेगुलेशन एवं विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।

प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस लाइन, कोरबा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।