✍️ भागीरथी यादव
OPS बहाली, नियमितीकरण और पदोन्नति समेत विभिन्न मांगों पर शासन से शीघ्र निर्णय की मांग
कोरबा, 1 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर नगर पालिक निगम कोरबा के अधिकारी-कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले धरने में कर्मचारियों ने लंबित मांगों के निराकरण के लिए शासन से शीघ्र सकारात्मक पहल की मांग की।


धरने के दौरान कर्मचारियों ने तीन स्तरीय वेतन संशोधन लागू करने, अस्थायी एवं दैनिक वेतन कर्मचारियों के नियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नति, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू करने तथा कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मांगें उठाईं।
निगम के इंजीनियर अखिलेश शुक्ल ने बताया कि संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में अधिकारी-कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल है। लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नई भर्ती से पहले नियमानुसार पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी कर्मचारियों की प्रमुख मांग है। संघ का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद नियमित हुए कई कर्मचारी नई पेंशन योजना के दायरे में हैं, ऐसे में कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू की जानी चाहिए।
इसके अलावा नगर निगमों में वर्षों से प्लेसमेंट और दैनिक वेतन के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों के अनुसार कई कर्मचारी 10 से 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नियमित किए जाने अथवा नियमितीकरण होने तक कम से कम 4 हजार रुपये अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों का निराकरण, रिक्त पदों को भरने और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि नगरीय निकायों की व्यवस्थाओं के संचालन में अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी मांगों पर शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
धरने के बाद कर्मचारियों द्वारा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही गई। संघ ने संकेत दिया कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में प्रदेश स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कोरबा के अधिकारी-कर्मचारी भी व्यापक आंदोलन में शामिल होंगे।
