✍️ भागीरथी यादव
नामिनी बनकर ग्रेच्युटी, CMPF और बीमा राशि हड़पने का आरोप, न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद मानिकपुर चौकी में अपराध दर्ज
कोरबा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा श्री सत्यानंद प्रसाद के आदेश के बाद एक बहुचर्चित कथित फर्जीवाड़े के मामले में बेटी ने अपनी ही मां और भाई के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। परिवादिनी चेतना सिंह की शिकायत पर मानिकपुर चौकी, थाना कोतवाली पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मामला एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में डंपर ऑपरेटर रहे स्वर्गीय नवरतन सिंह की मृत्यु के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़ा है। परिवादिनी का आरोप है कि उसके पिता की पहली पत्नी टिकैतीन बाई ही सेवा अभिलेखों और बीमा पॉलिसियों में वैध पत्नी एवं नामिनी के रूप में दर्ज थीं। उनका कभी विधिवत तलाक नहीं हुआ था और न ही नवरतन सिंह ने अपने सेवा रिकॉर्ड से उनका नाम हटवाया था।
शिकायत के अनुसार, नवरतन सिंह ने बाद में पुष्पा सिंह के साथ विवाह किया, जिससे चेतना सिंह, कुलदीप सिंह और कृष्णा सिंह का जन्म हुआ। पिता की मृत्यु के बाद पुष्पा सिंह ने कथित रूप से टिकैतीन बाई बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और एसईसीएल से ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ सहित अन्य भुगतान तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पॉलिसियों की राशि भी प्राप्त कर ली।
परिवादिनी ने आरोप लगाया है कि टिकैतीन बाई और पुष्पा सिंह के मतदाता सूची में अलग-अलग क्रमांक दर्ज हैं, इसके बावजूद फर्जी दस्तावेज तैयार कर दोनों को एक ही व्यक्ति दर्शाया गया। इन दस्तावेजों का उपयोग विभिन्न सरकारी और वित्तीय संस्थानों से राशि निकालने के लिए किया गया।
चेतना सिंह का कहना है कि उसने इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने मामले का परीक्षण करते हुए इसे प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध माना और धारा 175(3) बीएनएसएस के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायालय के आदेश के पालन में मानिकपुर चौकी पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, कूटरचना एवं फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान दस्तावेजों की जांच, सेवा अभिलेखों और बीमा रिकॉर्ड का परीक्षण कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
