शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह का प्रमुख सदस्य गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव

 

 

 

बिलासपुर। शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने पर्दाफाश किया है। मामले में पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह के प्रमुख सदस्य रजत तोमर को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी भूमिका साइबर ठगी नेटवर्क के संचालन में अहम पाई गई है।

पुलिस के अनुसार सिविल लाइन क्षेत्र की एक महिला से शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ दिलाने का लालच देकर 17.21 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना टीम ने बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी मुकेश कुमार दास के बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 13 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनसे जुड़े संदिग्ध लेन-देन की राशि करीब 8 करोड़ रुपये पाई गई। वहीं आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के खाते के विरुद्ध गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में पांच शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी केशव साव के खाते में लगभग 99 लाख रुपये तथा शिशिर राठौर के खाते में करीब एक लाख रुपये होल्ड कराए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह साइबर अपराध से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करता था।

गिरफ्तार आरोपी रजत तोमर बैंक खाते उपलब्ध कराने, खाताधारकों को लालच देकर नेटवर्क से जोड़ने और ठगी की रकम के लेन-देन को व्यवस्थित करने का काम करता था। वह भोले-भाले लोगों को अधिक लाभ का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में करवाता था। उसके कब्जे से कई एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों के खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था।

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। साइबर थाना प्रभारी सहित पूरी टीम की भूमिका इस बड़े साइबर ठगी नेटवर्क के खुलासे में सराहनीय रही।