यातायात विभाग के आरक्षक राकेश साहू पर अवैध वसूली के आरोप, जनपद अध्यक्ष व सरपंच संघ करेंगे एसपी से शिकायत

 

वाहन चेकिंग के नाम पर ग्रामीणों से वसूली और अभद्र व्यवहार का आरोप, क्षेत्र में बढ़ा आक्रोश

 

सुशील जायसवाल

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा

 

जिले के पोड़ी उपरोड़ा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने यातायात विभाग में पदस्थ आरक्षक राकेश साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वाहन चेकिंग के नाम पर आम नागरिकों और वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है तथा विरोध करने वालों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर इन दिनों यातायात पुलिस द्वारा लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कुछ कर्मचारी इस अभियान का दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोप है कि अंबिकापुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग, कोरबा-कटघोरा मार्ग तथा जटगा-पसान सड़क मार्ग सहित अन्य स्थानों पर वाहन चालकों को रोककर विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए उनसे धन की मांग की जाती है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

 

पोड़ी उपरोड़ा जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि ग्रामीण अंचलों के भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि वाहन चालकों से सीट बेल्ट, हेलमेट, वाहन के दस्तावेज, प्रदूषण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य नियमों के नाम पर दबाव बनाकर अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

 

जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कई बार वाहन चालक अपनी बात रखने का प्रयास करते हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।

 

शराब के नशे में कार्रवाई करने का आरोप

 

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित आरक्षक कई बार ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए गए हैं। उनका कहना है कि नशे की हालत में वाहन जांच करना न केवल विभागीय अनुशासन का उल्लंघन है बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उनका आरोप है कि वाहन चालकों को भयभीत कर मौके पर ही राशि वसूली जाती है, जिससे आम नागरिकों में पुलिस की छवि भी प्रभावित हो रही है।

 

लिखित शिकायत तैयार, एसपी से होगी मुलाकात

 

सूत्रों के अनुसार पोड़ी उपरोड़ा जनपद अध्यक्ष एवं सरपंच संघ के प्रतिनिधि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। शिकायत में आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहन जांच आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता का शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जांच अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

 

ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

 

क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन स्थानों पर नियमित रूप से वाहन जांच की जाती है वहां सीसीटीवी कैमरे अथवा बॉडी कैमरा जैसी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे न केवल आम जनता का विश्वास बहाल होगा बल्कि पुलिस विभाग की छवि भी मजबूत होगी। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो इसकी भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

 

फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

 

(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।)