जशपुर में 6 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़

✍️ भागीरथी यादव 

 

ऑपरेशन अंकुश में फर्जी निवेश कंपनी के 3 आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

 

जशपुर। जिले में करोड़ों की ठगी को अंजाम देने वाली फर्जी निवेश कंपनी ‘C Bulls Global Solution’ के तीन मुख्य आरोपियों को जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी निवेश पर तीन गुना मुनाफे का झांसा देकर ग्रामीणों से लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी कर फरार थे।

 

पत्थलगांव थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर 2025 को दर्ज शिकायत के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि मदनपुर (इंजिको) निवासी जागेश्वर लाल यादव और उनके साथियों ने कृषि आधारित उत्पाद और प्लांट में निवेश कर भारी लाभ का भरोसा दिलाने पर कंपनी में लाखों रुपये लगाए थे। कुछ महीनों तक झूठा ब्याज देने के बाद कंपनी अचानक गायब हो गई।

 

❗ कैसे रचा गया पूरा ठगी का जाल

 

संतोष कुमार साव ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए पहले कृषि उत्पादों में निवेश का झांसा दिया। जब पैसा रुक गया, तो निवेशकों को कथित एमडी मो. सिराज आलम से मिलवाया गया, जिसने कहानी बदलते हुए कहा कि कंपनी कृषि नहीं, बल्कि शेयर ट्रेडिंग कंपनी है और सेबी से रजिस्टर्ड है।

उसने दावा किया कि—

✔ प्रतिदिन 1% ब्याज

✔ 10 महीने में निवेश तीन गुना

✔ बैंक गारंटी के रूप में चेक

 

इन झूठे दावों पर भरोसा कर कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, बिलासपुर और घरघोड़ा में मीटिंग कर करोड़ों रुपये जुटा लिए गए।

 

❗ इंश्योरेंस और रजिस्ट्री के नाम पर नई चाल

 

जब लोगों ने पैसे मांगना शुरू किया, तब आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में बैठक कर ‘हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड’ दिलाने का बहाना बनाकर आधार–पैन व हस्ताक्षर ले लिए।

इसके बाद निवेशकों के नाम से C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड में रजिस्ट्रेशन कर उन्हें ही सदस्य और डायरेक्टर बना दिया गया।

जैसे ही कामयाबी मिली—

❌ कंपनी की वेबसाइट बंद

❌ मोबाइल फोन स्विच ऑफ

❌ सभी आरोपी फरार

 

❗ तकनीकी टीम ने लगाया पता, झारखंड से पकड़े गए

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गठित टीम को पता चला कि—

 

मो. सिराज आलम — बोकारो में

संतोष कुमार साव — रांची में

इमरान खान — रांची में छिपे हुए हैं

 

पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर जशपुर लाया। इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, आधार–पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डेटा और बैंक ट्रांज़ैक्शन की जांच जारी है।

❗ कबूलनामे में खुला राज

 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह पूरा खेल पोंजी स्कीम पर आधारित था।
शुरू में पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से ब्याज दिया जाता था।
जैसे ही पैसे आने बंद हुए—
➡ ब्याज बंद
➡ कंपनी बंद
➡ पूरा पैसा हड़पकर फरार
✔ पहले ही दो आरोपी जेल में

 

इस मामले में पहले ही

 

हरिशरण देवांगन

संतोष कुमार साहू

को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपी

 

1. मो. सिराज आलम (38 वर्ष) — हिंद पीढ़ी, रांची

2. संतोष कुमार साव (34 वर्ष) — सीदपा, चतरा

3. इमरान खान (35 वर्ष) — दौठवा, हजारीबाग

 

जशपुर पुलिस की बड़ी सफलता

इस कार्रवाई में साइबर सेल जशपुर और थाना पत्थलगांव की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया चल रही है।