कोरबा: झोलाछाप डॉक्टर ने ली युवक की जान! इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत……

✍️ भागीरथी यादव

 

 

परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया गलत इंजेक्शन लगाने और लापरवाही का आरोप, सिविल लाइन थाने में शिकायत देकर FIR की मांग

कोरबा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में उपचार के दौरान 28 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने गांव में इलाज करने वाले एक कथित झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने और उपचार में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

मृतक के भाई जागेश्वर प्रसाद सोनवानी द्वारा सिविल लाइन थाना प्रभारी को दिए गए शिकायत आवेदन के अनुसार, ग्राम बैदरकोना निवासी हरप्रकाश सोनवानी (28) 28 अगस्त 2026 को वाहन चलाते समय अचानक सामने आए कुत्ते से बचने के दौरान वाहन से गिर गया था। हादसे में उसके दाहिने पैर के घुटने में चोट आई थी।

मृतक के परिजन ने बताया कि चोट लगने के बाद हरप्रकाश इलाज के लिए मुरली मनोहर उर्फ महाराज के पास गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उसके बाएं कमर के पास एक इंजेक्शन लगाया और जल्द ठीक होने की बात कहकर घर भेज दिया। इसके दो दिन बाद इंजेक्शन लगाए गए स्थान पर तेज दर्द के साथ नीले रंग का निशान दिखाई देने लगा।

परिजनों के मुताबिक हालत बिगड़ने पर हरप्रकाश को 2 सितंबर को जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने संक्रमण होने की बात बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद उसे टीपी नगर स्थित एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया।

शिकायत के अनुसार हालत में सुधार नहीं होने पर उसे रायपुर स्थित अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन बाद में उसे दोबारा 22 सितंबर को जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे हरप्रकाश की मौत हो गई।

मृतक के भाई का आरोप है कि कमर में लगाए गए इंजेक्शन के बाद हुए संक्रमण के कारण उसके भाई की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दी है।

परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच कर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, युवक की मौत वास्तव में किस वजह से हुई और उपचार में लापरवाही हुई या नहीं, यह पुलिस जांच एवं चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।