KORBA: SECL GM कार्यालय में ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन…

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में घेराव, मुख्य द्वार पर तालाबंदी; मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास को लेकर आर-पार की चेतावनी

 

कोरबा, 19 सितंबर। दीपका विस्तार परियोजना के लिए हरदीबाजार क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण अब टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। हरदीबाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के भवन को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में दीपका पहुंचे और SECL के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी करते हुए अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार सुबह क्षेत्र में जब लोगों की आवाजाही शुरू हुई, तब तक CHC भवन को सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमींदोज किया जा चुका था। अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण की खबर फैलते ही ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। उनका आरोप है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई मूलभूत मुद्दे अभी भी लंबित हैं, ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई ने असंतोष को और गहरा कर दिया है।

18 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का मामला

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक करीब 18 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण मुआवजा निर्धारण में कथित विसंगतियों, मुआवजा पत्रकों की खामियों, रोजगार, पुनर्वास और नई बसाहट जैसे मुद्दों का समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों का स्पष्ट निराकरण किए बिना अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

मुआवजा और पुनर्वास बना मुख्य मुद्दा

ग्रामीणों ने SECL प्रबंधन के सामने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार रोजगार देने, उचित मुआवजा सुनिश्चित करने तथा पुनर्वास और नई बसाहट की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक लंबित मामलों का निराकरण नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

विधायक प्रेमचंद पटेल की मौजूदगी में हुए प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने SECL प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। GM कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

फिलहाल CHC भवन के ध्वस्तीकरण और भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों के आरोपों पर SECL प्रबंधन अथवा जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच होने वाली बातचीत इस विवाद की दिशा तय करेगी।