वैज्ञानिक जांच में पुलिस ने बढ़ाया बड़ा कदम, NAFIS तकनीक से अपराधियों की पहचान होगी और तेज

✍️ भागीरथी यादव

 

 

धमतरी, 11 जून। अपराध अनुसंधान को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में धमतरी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरुवार को पुलिस कार्यालय में NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर विशेष एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण से जिले की जांच प्रणाली को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से पहुंचे फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ डीएसपी राकेश नरवरे ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फिंगर प्रिंट संकलन, घटनास्थल निरीक्षण तथा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जिला NAFIS कार्यालय, MCU/CrPI शाखा और अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण भी किया।

प्रशिक्षण के दौरान चांस प्रिंट संरक्षण, फिंगर प्रिंट डेवलपमेंट, आदर्श अंगुली चिन्ह पर्णी तैयार करने, अज्ञात शवों के चर्म-पोरों को सुरक्षित रखने तथा NAFIS पोर्टल पर फिंगर प्रिंट अपलोड करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और फिंगर प्रिंट विकसित करने का लाइव डेमो भी दिखाया गया।

डीएसपी राकेश नरवरे ने बताया कि NAFIS तकनीक के माध्यम से अब देशभर के उपलब्ध रिकॉर्ड से ऑनलाइन और त्वरित फिंगर प्रिंट मिलान संभव होगा। इससे अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और अपराधों के खुलासे की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनेगी। साथ ही मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालयों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विवेचना अधिकारियों को निर्देशित किया कि घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण कर NAFIS प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें।

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, डीएसपी राकेश नरवरे, डीसीबी प्रभारी सहित जिले के विभिन्न थानों और चौकियों से नामांकित विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

“वैज्ञानिक जांच, सशक्त अनुसंधान — आधुनिक पुलिसिंग की पहचान” के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यशाला धमतरी पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।