प्रेम प्रसंग में अमित की हत्या महिला समेत तीन गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बहन के साथ देख भड़का भाई, फावड़े से सिर और छाती पर किया वार; शव छिपाकर रची गुमशुदगी की कहानी

जांजगीर-चांपा, 9 सितंबर। थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब दो माह से अनसुलझी अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा/रापा और लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार 27 जून की रात अमित भंडारी घर से निकला था। 29 जून की सुबह उसका शव ग्राम कोसा के अहदा तालाब के पास स्थित एक निर्जन बाड़ी में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने प्रेम प्रसंग, जुआ-सट्टा, शराब और पुराने विवाद समेत कई पहलुओं पर जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि अमित का संतोषी सिंह से विवाह से पहले से प्रेम संबंध था और शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। घटना वाली रात दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद लगभग 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर भड़क गया।

पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच विवाद और मारपीट हुई। अमित ने भागने के लिए पीछे की दीवार फांदने का प्रयास किया, तभी बजरंग ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौत हो गई। इसके बाद शव को पीछे की बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया गया। पुलिस के अनुसार संतोषी ने भी घटना देखी और शव छिपाने में मदद की।

अगले दिन बजरंग ने अपने भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई। आरोपियों ने मृतक के परिजनों के साथ अमित की तलाश करने का नाटक किया और थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर शव को गांव के बीचो-बीच एक स्थान पर रख दिया गया, जहां अगले दिन पुलिस को शव बरामद हुआ।

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया। 200 से अधिक टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और संदिग्धों की लोकेशन का विश्लेषण किया गया। घटना स्थल का पुनर्निर्माण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का दोबारा परीक्षण भी कराया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयानों में लगातार बदलाव सामने आने के बाद पुलिस ने नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग जैसी तकनीकों का भी सहारा लिया।

पुलिस के मुताबिक तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़ने के बाद आरोपियों पर संदेह मजबूत हुआ। दोबारा पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा/रापा और शव को ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद की गई।

पुलिस ने तीनों आरोपियों बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है, जबकि बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लेकर आगे फोरेंसिक जांच की जाएगी। मामले की जांच में विशेषज्ञ डॉ. विमला की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।