सुशील जायसवाल
चोटिया / कोरबी (कटघोरा):
वन मंडल कटघोरा के केंदई रेंज अंतर्गत आने वाले कोरबी-चोटिया सर्किल में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को ‘वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह’ के अवसर पर चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र में एक गरिमामय एवं जागरूकतापूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और वनांचल क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद्व को नियंत्रित करना रहा।
ग्रामीणों एवं वन प्रबंधन समितियों के साथ गहन विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों, जन-प्रतिनिधियों और ग्राम वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक में वन्य जीवों की सुरक्षा, जंगलों के संरक्षण तथा वनांचल क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया:

*हाथियों की उपस्थिति में* *सतर्कता:*
हाथियों की चिंघाड़ या उपस्थिति की सूचना मिलते ही जंगलों की ओर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
*जन-हानि व फसल क्षति से* *बचाव:*
हाथियों से छेड़छाड़ न करने, रात के समय अनावश्यक बाहर न निकलने तथा मशाल व लाइट का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी गई।
*मुआवजा प्रक्रिया की* *जानकारी:*
किसी भी अप्रिय घटना, फसल या मकान क्षति की स्थिति में विभाग को तुरंत सूचित करने और शासन द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति/मुआवजा प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया से ग्रामीणों को अवगत कराया गया।
वन्य जीवों के प्रति सहअस्तित्व की भावना: वन्य प्राणियों के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करते हुए शिकार जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने और जंगलों को आग से बचाने में सहयोग की अपील की गई।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर क्षेत्र के सम्मानित जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों चोटिया के सरपंच प्रतिनिधि राय सिंह बिंझवार, समेत आसपास ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, ग्राम वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सदस्य तथा परिक्षेत्र सहायक सुनील डिक्सेना, प्रीतम पुराइन, सहित बड़ी संख्या में नियंत्रण केंद्र के कर्मचारी गण व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना की और आश्वस्त किया कि ग्रामीण वनांचल में शांति व सुरक्षा बनाए रखने तथा वन्य जीवों के संरक्षण में विभाग का पूर्ण सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने वनों और वन्य जीवों की रक्षा करने तथा प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
