सुशील जयसवाल
रामनगर में आयोजित हाथी महासभा में दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने बनाई आगे की रणनीति
उदयपुर। हाथियों के लगातार बढ़ते उत्पात और फसल व जनहानि से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को ग्राम पंचायत रामनगर के ग्राम फुनगी में हाथी महासभा का आयोजन किया। प्राथमिक शाला के पास आयोजित सभा में हाथी प्रभावित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान और ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान और क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का निर्णय लिया।
महासभा में लक्ष्मणगढ़, सुखरी भंडार, सानीबर्रा, मानपुर, मोहनपुर, महेशपुर, उपका, जजगी, जजगा, उदयपुर, झिरमिट्टी, रामनगर और फुनगी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम की अगुवाई रामनगर सरपंच प्रदीप सिंह मरकाम ने की। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ बाबा, वन विभाग के प्रतिनिधि चौबे सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच और पत्रकार भी उपस्थित रहे।
पांच सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
सभा में ग्रामीणों ने हाथियों के लिए अलग रिजर्व फॉरेस्ट विकसित करने की मांग रखी। इसके अलावा हाथियों से नष्ट होने वाली फसल के लिए प्रति एकड़ 62 हजार रुपये मुआवजा, हाथी हमले में मृत्यु होने पर एक करोड़ रुपये सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, झटका तार को लेकर स्पष्ट नीति तथा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में धान की फसल का अनिवार्य बीमा कराने की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना था कि हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर कुछ ही समय में पूरी फसल को बर्बाद कर देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।
सभा में मौजूद जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ बाबा ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं और मांगों को शासन एवं उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
महासभा में उपस्थित ग्रामीणों ने पांचों मांगों पर सामूहिक रूप से सहमति जताई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा जल्द ठोस पहल नहीं की गई तो हाथी प्रभावित सभी गांवों को एकजुट कर आंदोलन किया जाएगा। महासभा में हाथी समस्या के स्थायी समाधान के लिए आगे भी सामूहिक रूप से संघर्ष करने का निर्णय लिया गया।
