जिले के सरहदी क्षेत्र सिरमिना के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, मिठाई वितरण कर शिक्षा के प्रति किया गया प्रेरित

 

सुशील जायसवाल

सिरमिना (पोड़ी उपरोड़ा)।

 

जिले के सीमावर्ती एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र ग्राम पंचायत सिरमिना स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में शुक्रवार, 3 जुलाई को शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर एवं मिष्ठान वितरण कर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की चहल-पहल, अभिभावकों की उपस्थिति और स्वागत गीतों से पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा कोरबा के जिला उपाध्यक्ष रवि कुमार मरकाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार ओगरे ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य एवं गोण्डवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम, ग्राम पंचायत सिरमिना की सरपंच श्रीमती कैलाश श्याम, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच दिवाकर मरकाम, जनपद सदस्य कमला देवी पेंद्रो, उप सरपंच राजकुमार कुशल, पूर्व सरपंच ललित उइके तथा पालक प्रतिनिधि परश राम कुसरो सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पुष्प एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को मिठाई वितरित कर उनके पहले दिन को यादगार बनाने का प्रयास किया गया।

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि रवि कुमार मरकाम ने कहा कि “शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं होता। शिक्षित समाज ही विकास की नई दिशा तय करता है। सरकार हर बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डबल इंजन की सरकार बच्चों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्य पुस्तक, मध्यान्ह भोजन सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।”

 

विशिष्ट अतिथि विद्वान सिंह मरकाम ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपरा और मातृभाषा की भी पहचान होनी चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही बच्चे समाज और देश का बेहतर भविष्य बन सकते हैं।”

 

ग्राम पंचायत सिरमिना की सरपंच श्रीमती कैलाश श्याम ने कहा कि “ग्राम पंचायत क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे की शिक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए पंचायत स्तर पर हर संभव प्रयास किया जाएगा। शिक्षा ही समाज को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।”

 

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने भी अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। पालकों ने भी विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।

 

शाला प्रवेश उत्सव में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीणजन तथा नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अमृत कोराम ने किया, जबकि अंत में विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार ओगरे ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और विद्यालय के प्रति अपनापन देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज, पंचायत और विद्यालय के संयुक्त प्रयासों से ही प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।