वन विभाग के अधिकारी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

उमेश यादव

 

कोरबा/पेंड्रारोड। मरवाही वनमंडल, पेंड्रारोड में पदस्थ उप वनमंडलाधिकारी (संलग्नाधिकारी) अविनाश एमानुएल के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं, कथित फर्जी बिलिंग, शासकीय राशि के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश महासचिव विकास ठाकुर ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख समेत वरिष्ठ वन अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी के प्रभाव में कथित रूप से ‘रितिशा सत्य’ नामक फर्म के माध्यम से वन विभाग के विभिन्न शासकीय कार्यों एवं सामग्री आपूर्ति में अनियमितता की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, फर्म के नाम पर रेत और गोबर खाद की आपूर्ति से संबंधित कई शासकीय आदेश जारी किए गए, लेकिन सामग्री की वास्तविक आपूर्ति तथा रॉयल्टी भुगतान को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

 

शिकायत में कुछ अन्य फर्मों के माध्यम से कथित फर्जी बिलिंग कर शासकीय राशि के आहरण का भी आरोप लगाया गया है। इसमें टेंडर, खाद खरीदी और परिवहन से संबंधित भुगतानों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर अर्जित राशि को शेयर बाजार और एसआईपी के माध्यम से वैध दिखाने की आशंका भी जताई है।

 

विकास ठाकुर ने शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेजों, बिलों, भुगतान अभिलेखों, बैंक खातों, फर्मों के लेन-देन और संबंधित संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

 

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

 

मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने तथा विभागीय जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

 

 

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