पसान क्षेत्र में आफत की बारिश के बाद प्रशासन सक्रिय, अपर कलेक्टर ओंकार यादव ने किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

ध्वस्त पुल-पुलियों का मरम्मत कार्य शुरू, 6 से 7 छोटे-बड़े पुलों पर वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

 

17 एवं 18 जुलाई को 36 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन हुआ था अस्त-व्यस्त, राहत एवं बचाव कार्य तेज

 

सुशील जायसवाल

 

कोरबा/पसान। कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में 17 एवं 18 जुलाई को लगातार लगभग 36 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। तेज बारिश के कारण क्षेत्र के कई नदी-नाले उफान पर आ गए, जिससे आधा दर्जन से अधिक पुल-पुलियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कई स्थानों पर सड़कें बह गईं और गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह टूट गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया तथा यात्री बसों का संचालन भी पूरी तरह ठप पड़ गया। इसके चलते लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुएं, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से हुई भारी क्षति का जायजा लेने सोमवार 20 जूलाई को अपर कलेक्टर ओंकार यादव,ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, बह चुकी सड़कों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत तत्काल प्रारंभ करने तथा जहां मरम्मत में समय लगेगा वहां अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से 6 से 7 छोटे-बड़े पुलों पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

प्रशासन के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग एवं पी एम जे एस वाई व अन्य संबंधित एजेंसियों ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर जेसीबी मशीनों और हाइड्रा मशीन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है तथा पुल-पुलियों की मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है। जिन स्थानों पर सड़क पूरी तरह बह गई है, वहां अस्थायी मार्ग बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 

लगातार हुई बारिश के कारण क्षेत्र के अनेक गांव कई घंटों तक संपर्कविहीन हो गये है। ग्रामीणों को राशन, दूध, सब्जियां, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान लाने में भारी परेशानी उठानी पड रही है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं, मरीजों तथा दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को भी सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री बसों का संचालन बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा रहा है।

 

अपर कलेक्टर ओंकार यादव,ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई जाए तथा जिन गांवों का संपर्क अब भी बाधित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मार्ग बहाल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी और मजबूत निर्माण कार्यों की योजना तैयार की जाए।

 

मरम्मत कार्य प्रारंभ होने के बाद प्रभावित गांवों के लोगों में राहत की भावना दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन शीघ्र ही सभी क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और सड़कों की मरम्मत पूरी कर देगा, जिससे आवागमन सामान्य हो सकेगा और जनजीवन फिर से पटरी पर लौट आएगा।

 

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन पुल-पुलियों को हर वर्ष बारिश में नुकसान पहुंचता है, वहां स्थायी एवं मजबूत निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा एवं वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

 

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी रखे हुए हैं और सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर के साथ मुख्य रूप से उपस्थित एस डी एम पोड़ी उपरोड़ा मनोज कुमार बंजारे, पसान तहसीलदार विरेंद्र कुमार श्याम, पीएम जे एस वाई के कार्यपालन अभियंता चंद्रभान सिंग तंवर, जनपद पंचायत सीईओ पोड़ी उपरोड़ा भूपेंद्र सोनवानी, एवं पटवारी उपेंद्र शुक्ला, उपस्थित थे!