✍️ भागीरथी यादव
डीएनए रिपोर्ट बनी अहम कड़ी, सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल का कारावास
कोरबा। लेमरू थाना क्षेत्र में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले में गवाहों के बयान, पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्यों के साथ एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी के अनुसार, आरोपी हसरुहान मंझवार और अजय सिंह तथा पीड़िता एक ही गांव के रहने वाले हैं। अभियोजन के मुताबिक, रात में दोनों आरोपी पीड़िता के घर में जबरन दाखिल हुए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के बाद आरोपी वहां से चले गए।
अगले दिन पीड़िता ने लेमरू थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 332(B), 351(3) और 70(1) के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों के डीएनए नमूनों सहित अन्य साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने प्रारंभ में अदालत में घटना से इनकार किया था। अभियोजन ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को सामने आने तक मामले में संबंधित रिपोर्ट का इंतजार करने का अनुरोध किया। एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत होने के बाद पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज किया गया। इस दौरान उसने बताया कि डर और दबाव के कारण उसने पहले घटना से इनकार किया था।
इसके बाद अभियोजन ने गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य, पुलिस विवेचना तथा एफएसएल-डीएनए रिपोर्ट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
