17 अगस्त की हड़ताल से पहले चेयरमैन ने बुलाई बैठक, बिजली कर्मियों की मांगों पर बनी सहमति

✍️ भागीरथी यादव

 

 

पुरानी पेंशन, नई भर्ती, संविदा नियमितीकरण समेत कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा, शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश

कोरबा। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ द्वारा 17 अगस्त से प्रस्तावित कामबंद हड़ताल की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने कर्मचारी संगठनों के साथ वार्ता शुरू कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी के चेयरमैन सुबोध सिंह ने 6 अगस्त को महानदी भवन (मंत्रालय), नवा रायपुर में महासंघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया।

भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में बिजली कर्मियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों पर नई भर्ती तथा कर्मचारियों के अन्य सेवा संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी।

बैठक में चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के प्रस्ताव को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अगले सप्ताह राज्य शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही पॉवर कंपनी में विभिन्न रिक्त पदों पर नई भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है और शीघ्र ही भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी विस्तृत चर्चा हुई। चेयरमैन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में जारी नियमितीकरण आदेश एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का परीक्षण कर छत्तीसगढ़ में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं उत्पादन कंपनी के घरघोड़ा कोल ब्लॉक में कार्यरत कर्मियों को सीएमपीएफ के दायरे में शामिल करने की मांग तत्काल स्वीकार कर ली गई तथा इसके लिए जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया।

इसके अलावा नवनियुक्त संविदा कर्मियों को निश्चित वेतन के अतिरिक्त अन्य भत्ते एवं हितलाभ प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी परीक्षण कर उचित निर्णय लेने की बात कही गई। महासंघ की शेष मांगों पर आगामी बैठकों में विस्तृत चर्चा करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में महासंघ की ओर से राधेश्याम जायसवाल, प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष तेज प्रताप सिन्हा, महामंत्री नवरतन बरेठ, कोषाध्यक्ष कोमल देवांगन एवं कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे उपस्थित रहे। बैठक के बाद महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार के सकारात्मक रुख से कर्मचारियों की प्रमुख मांगों का जल्द समाधान होगा।