E-20 पेट्रोल पर देश का ऐतिहासिक फैसला, उपभोक्ता आयोग ने कार बदलने या ₹20.50 लाख लौटाने का दिया आदेश

✍️ भागीरथी यादव

 

 

रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग का बड़ा आदेश, ग्राहक को ₹1 लाख मुआवजा और ₹10 हजार वाद व्यय भी मिलेगा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक ऐसे मामले में वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें नई कार बार-बार खराब हो रही थी। आयोग ने आदेश दिया है कि ग्राहक को 45 दिनों के भीतर E-20 पेट्रोल के अनुरूप नई कार उपलब्ध कराई जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो वाहन की पूरी खरीद राशि ₹20,50,494 वापस की जाए।

मामला सड्डू निवासी डॉ. प्रेमराज देवता से जुड़ा है, जिन्होंने जून 2024 में ग्रैंड विटारा कार खरीदी थी। खरीद के कुछ समय बाद ही वाहन में लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं। जांच के दौरान यह आशंका जताई गई कि समस्या E-20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण है, लेकिन प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पेट्रोल पूरी तरह मानक के अनुरूप पाया गया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि समस्या ईंधन में नहीं, बल्कि वाहन के इंजन में थी, जो देश में उपलब्ध E-20 पेट्रोल के साथ अपेक्षित रूप से काम करने में सक्षम नहीं था। इस आधार पर आयोग ने वाहन निर्माता कंपनी और डीलर की सेवा में कमी मानते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया।

आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ग्राहक को नई E-20 अनुकूल कार देने के अलावा, यदि वाहन बदला नहीं जाता है तो उसकी पूरी कीमत लौटाई जाए। साथ ही मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए ₹1 लाख तथा वाद व्यय के रूप में ₹10 हजार का भुगतान भी किया जाए।