✍️ भागीरथी यादव
पुलिस जांच में 20 दिन बाद हुआ सनसनीखेज खुलासा, परिजनों को भी गोली मारने की धमकी देकर कराया गया था मौन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 19 जुलाई।
जिले के गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान युवक की गोली लगने से हुई मौत का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए मृतक का बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार करा दिया था और परिजनों को भी गोली मारने की धमकी देकर पूरे मामले को छिपाने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार से सूचना मिली थी कि दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और उसका अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कर दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने पेट दर्द और खून की उल्टी से मौत होने की बात कही, लेकिन एफएसएल टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान कमरे में खून के धब्बे मिलने से मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
जांच के दौरान करीब 20 दिन बाद मृतक के बड़े भाई पवन सिंह ने पुलिस को बताया कि 27 जून की रात गांव के कुछ लोग अवैध रूप से जंगल में जंगली जानवर का शिकार करने गए थे। शिकार के दौरान आरोपी रामायण सिंह कुशराम ने भरमार बंदूक से गोली चलाई, जो सीधे सरवन सिंह के सीने में लगी। तीन गोलियां लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सभी आरोपियों ने मृतक के भाई और पिता को जंगल बुलाकर हाथ जोड़कर मामला दबाने की कोशिश की। जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी गोली मारने की धमकी दी गई। भय के कारण परिजनों ने घटना छिपाई और अगले दिन सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका।
पुलिस ने विवेचना के बाद हत्या, साक्ष्य छिपाने, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जब्त सामग्री
एक भरमार बंदूक
एक एयर गन
तीन मोबाइल फोन
पुलिस ने बताया कि मामले के खुलासे में वैज्ञानिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और लगातार की गई पूछताछ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे सहित थाना गौरेला, साइबर सेल और पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
