कोरबा बिजली विभाग के गेट पर मौत बनकर दौड़ रहा था करंट! युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश पंकज को लगा झटका, तार ठीक होने तक धरने पर डटे रहे कार्यकर्ता

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बिजली दर वृद्धि के विरोध में चल रहे घेराव के बीच बड़ा खुलासा, विभाग के सामने ही करंट प्रवाहित तार मिला; जिम्मेदारी से बचते रहे अधिकारी, विरोध के बाद आनन-फानन में कराया गया सुधार कार्य

 

 

कोरबा, 18 जून 2026। बिजली दर वृद्धि के विरोध में पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के नेतृत्व में टीपी नगर स्थित बिजली कार्यालय का घेराव गुरुवार को किया गया। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस आंदोलन के दौरान और उसके बाद हुई एक गंभीर घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घेराव कार्यक्रम समाप्त होने के बाद युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश पंकज बिजली कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित डिवाइडर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क एक बिजली खंभे से जुड़े तार से हो गया, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। अचानक लगे जोरदार झटके से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सौभाग्य से राकेश पंकज को कोई गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना की जानकारी तत्काल पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन जिम्मेदारी को लेकर विभागों के बीच टालमटोल शुरू हो गई। बिजली विभाग ने इसे नगर निगम का मामला बताया, जबकि घटना बिजली विभाग कार्यालय के ठीक सामने हुई थी।

इससे नाराज युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बिजली विभाग कार्यालय पहुंच गए और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने लगे। कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं हैं। बाद में अधिकारी राजकुमार सोनकर मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं के अनुसार उन्होंने यह तक कहा कि उन्हें बिजली कार्यालय घेराव कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी, जबकि प्रदर्शन दो घंटे तक उनके ही कार्यालय परिसर के सामने चलता रहा।

घटना के विरोध में युवा कांग्रेस की पूरी टीम बिजली विभाग के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गई। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक करंट प्रवाहित कर रहे खतरनाक तार को ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। काफी देर तक चले विरोध और दबाव के बाद विभागीय अमला सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर खराब एवं कटा हुआ तार दुरुस्त कराया गया। तार की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध समाप्त किया।

युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के मुख्य द्वार के सामने यदि इस प्रकार करंट प्रवाहित तार लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं और अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है, तो शहर के अन्य इलाकों की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि घटना की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा शहर भर में बिजली खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल और खुले तारों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

युवा कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति को करंट लगने की घटना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।