कोरबा का ओवरब्रिज बना जाम का स्थायी अड्डा, पुलिस और यातायात व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ओवरब्रिज–पावर हाउस रोड, सुनालिया पुल, टीपी नगर कॉफी हाउस तथा अग्रसेन कन्या विद्यालय एवं कॉलेज के आसपास प्रतिदिन कई बार भीषण जाम लगना अब आम बात हो गई है। हालात ऐसे हैं कि स्कूली छात्राओं, कॉलेज विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को रोजाना घंटों तक परेशान होना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम उठाता दिखाई नहीं दे रहा।

 

दृश्य भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इस मार्ग पर कई बार यातायात पूरी तरह थम जाता है, जिससे लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज से लेकर सुनालिया पुल और पावर हाउस रोड तक अवैध पार्किंग, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन, अतिक्रमण तथा यातायात पुलिस की कमजोर निगरानी इस समस्या की प्रमुख वजह हैं। टीपी नगर कॉफी हाउस के आसपास भी सड़क किनारे वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

 

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग पर अग्रसेन कन्या विद्यालय एवं कॉलेज संचालित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्राओं और विद्यार्थियों का आवागमन होता है। स्कूल और कॉलेज के समय जाम के कारण विद्यार्थियों को सड़क पार करने में भारी परेशानी होती है और हर दिन किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर नियमित रूप से यातायात पुलिस की तैनाती, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई, नो-पार्किंग नियमों का कड़ाई से पालन तथा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।

 

जनता की प्रमुख मांगें

 

* ओवरब्रिज, सुनालिया पुल, पावर हाउस रोड और टीपी नगर कॉफी हाउस क्षेत्र में अवैध पार्किंग पर तत्काल कार्रवाई।

* व्यस्त समय में अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती।

* स्कूल एवं कॉलेज समय में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन।

* अतिक्रमण हटाकर सड़क की पूरी चौड़ाई यातायात के लिए उपलब्ध कराई जाए।

* जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त कार्ययोजना लागू की जाए।

 

शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और यातायात पुलिस जनता की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करती है।