श्रद्धा पेट्रोल पंप तिवारता में पुलिस का छापा गड़बड़ी की आशंका

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा-दीपका। दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप में कथित नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों के भंडारण और बिक्री का मामला सामने आया है। पुलिस ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम में दबिश देकर टाटा मोटर्स डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (DEF) के 192 नग और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग समेत कुल 212 सीलबंद डिब्बे जब्त किए हैं। मामले में पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर पिता कुशल मनहर के खिलाफ धारा 318(4), 347, 349 बीएनएस तथा कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

पुलिस के अनुसार टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. के जांच अधिकारी सानी घोष ने दीपका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप में टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट इंडिया लिमिटेड के कथित नकली उत्पाद रखकर बिक्री किए जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर पहले टेस्ट परचेसिंग की गई। जांच अधिकारी ने 20 लीटर का एक टाटा मोटर्स DEF खरीदा और कंपनी स्तर पर जांच के बाद उसे कथित रूप से नकली कॉपीराइट उत्पाद बताया गया।

इसके बाद पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पीछे बने स्टोर रूम में तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक मौके पर संचालक चैतन्य मनहर मौजूद था। तलाशी के दौरान स्टोर रूम से टाटा मोटर्स DEF के 192 डिब्बे और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट DEF के 20 डिब्बे बरामद हुए। सभी डिब्बे 20-20 लीटर क्षमता के और सीलबंद बताए गए हैं। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर पूरा माल जब्त कर लिया।

दस्तावेज नहीं होने की बात कही

बरामद उत्पादों के संबंध में पुलिस ने संचालक को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी कर खरीदी-बिक्री और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। पुलिस के अनुसार संचालक ने लिखित जवाब में माल से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। साथ ही उसने कथित तौर पर यह माल कोरबा निवासी अनुप गोयल द्वारा दिए जाने की बात कही है।

कंपनी की शिकायत पर कार्रवाई

शिकायतकर्ता सानी घोष ने खुद को टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. का जांच अधिकारी बताते हुए कंपनी की ओर से बाजार सर्वे और कथित नकली उत्पादों के कारोबार की जानकारी जुटाने तथा कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत होना बताया है। इसी आधार पर तिवरता स्थित पेट्रोल पंप पर सर्वे और टेस्ट परचेसिंग की गई थी।

पुलिस ने फिलहाल 212 नग उत्पाद जब्त कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जब्त उत्पाद वास्तव में नकली हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित कंपनियों और विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।