*उच्च पद पर रहते हुए भी गांव और लोगों से बनाए रखा* *आत्मीय संबंध, 1 जून* *को* *गृह ग्राम पहुंचेंगे श्री* *सिदार,*
*सुशील जायसवाल*
*कोरबी/चोटिया।*
अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और क्षेत्र के प्रति गहरे लगाव के लिए पहचाने जाने वाले श्री भुवाल सिंह सिदार ,के सेवानिवृत्त होकर गृह ग्राम लौटने की खबर से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव में उनके स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए जा रहे हैं और ग्रामीण अपने प्रिय अधिकारी के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि श्री सिदार ने अपने लंबे शासकीय सेवाकाल के दौरान उच्च पद पर रहते हुए भी कभी अपने गांव, अपनी मिट्टी और क्षेत्र के लोगों से जुड़ाव नहीं छोड़ा। वे हमेशा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बने रहे। जरूरतमंदों की मदद करना, सामाजिक कार्यों में रुचि लेना और आम लोगों से आत्मीय व्यवहार बनाए रखना उनकी विशेष पहचान रही है।

ग्रामीण बताते हैं कि जब भी क्षेत्र के लोगों को उनकी आवश्यकता पड़ी, श्री सिदार ने हरसंभव सहयोग किया। यही कारण है कि आज उनके सेवानिवृत्त होकर गांव लौटने पर लोगों में अपार खुशी और अपनापन दिखाई दे रहा है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी उनके स्वागत को लेकर उत्साहित हैं।
*31 मई रविवार को विदाई एवं* *स्वागत कार्यक्रम* *आयोजित हुए*
31 मई 2026 रविवार को शासकीय सेवा पूर्ण कर बस्तर से रवाना होने के अवसर पर ग्राम सरपता के ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में विशेष स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि श्री भुवाल सिंह सिदार ,ने अपने सेवाकाल में जिस निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा।
*1 जून सोमवार को गृह ग्राम* *पहुंचेंगे, गांव में भव्य* *स्वागत की तैयारी*
ग्रामीणों के अनुसार 1 जून सोमवार 2026 को श्री सिदार अपने गृह ग्राम सरपता पहुंचेंगे। उनके स्वागत को लेकर पूरे गांव में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य मार्गों पर स्वागत द्वार सजाए जा रहे हैं। गांव में साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी किया जा रहा है।
महिलाएं मंगल गीतों की तैयारी में जुटी हैं तो युवा स्वागत कार्यक्रम की व्यवस्था संभाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक अधिकारी का स्वागत नहीं बल्कि अपने गांव के उस बेटे का अभिनंदन है जिसने हमेशा अपनी जड़ों से जुड़कर क्षेत्र का मान बढ़ाया।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी गर्व है कि उच्च जिम्मेदारियों पर रहते हुए भी श्री सिदार ने अपने गांव और लोगों को कभी नहीं भुलाया। यही आत्मीयता उन्हें क्षेत्र के लोगों के बीच बेहद सम्मानित और लोकप्रिय बनाती है।
1 जून सोमवार को उनके गृह ग्राम आगमन पर भव्य स्वागत समारोह मोटरसाइकिल रैली के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
