सुशील जयसवाल
सिमगा उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम का अभाव, समय पर नहीं खुलता अस्पताल; पीछे जली मिली दवाइयों से उठे सवाल
सिमगा/पोड़ी-उपरोड़ा।
दूसरों को जीवन देने वाला आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) सिमगा इन दिनों स्वयं बदहाल स्थिति का शिकार बना हुआ है। जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी और विभागीय अनदेखी के कारण ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है।

जनपद सदस्य भारत सिंह सिदार ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) पदस्थ नहीं है। इसके कारण गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। अस्पताल की पूरी व्यवस्था केवल एक कर्मचारी के भरोसे चल रही है, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल नियमित रूप से नहीं खुलता और कई बार सप्ताह में केवल एक दिन ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए गांवों में स्वास्थ्य शिविर भी नहीं लगाए जा रहे हैं, जिससे मलेरिया, बुखार और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शिविर ड्यूटी के कारण अस्पताल में लगा रहा ताला
ग्राम पंचायत के पंच बलबीर सिंह आयम ने बताया कि वे अपने बच्चे का टीकाकरण कराने अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी कृष्णा सिंह की ड्यूटी जामकछार में आयोजित एक्स-रे शिविर में लगाए जाने के कारण अस्पताल बंद मिला। दूर-दराज से पहुंची गर्भवती महिलाएं और बच्चों को लेकर आई माताएं घंटों इंतजार के बाद बिना इलाज और टीकाकरण के ही वापस लौट गईं।

इलाज में देरी से मासूम की मौत का आरोप
जनपद सदस्य भारत सिंह सिदार ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व सिरमिना पीएचसी क्षेत्र के ग्राम सरपता में डायरिया से पीड़ित 14 वर्षीय छात्रा की समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत हो गई थी। उनका कहना है कि यदि सिमगा उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित होता और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहतीं तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
तीन बजे तक कर्मचारी का करते रहे इंतजार
बुधवार को उप स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सुयश सारथी, रामेश्वरी, बिरसो बाई सहित उसाराज, सरिता और अन्य मरीज एवं टीकाकरण कराने आए परिजन दोपहर करीब तीन बजे तक आरएचओ कृष्णा सिंह के आने का इंतजार करते रहे। अस्पताल बंद रहने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
अस्पताल के पीछे जली मिली दवाइयां, जांच की मांग
जनपद सदस्य भारत सिंह सिदार ने निरीक्षण के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र के पीछे खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में सिरप, टैबलेट और अन्य आवश्यक दवाइयों के जले हुए अवशेष मिलने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उपयोगी दवाइयों को जलाने का प्रयास किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
उप स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल स्थायी एएनएम की पदस्थापना की जाए।
अस्पताल को प्रतिदिन निर्धारित समय पर संचालित किया जाए।
वनांचल क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर मलेरिया, डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाइयों का वितरण किया जाए।
अस्पताल परिसर में मिली जली हुई दवाइयों की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
