कोरबा: PM आवास निर्माण में सुस्ती पर पोड़ी-उपरोड़ा CEO निर्मलकर का सख्त रुख…..

लेपरा पंचायत में घर-घर पहुंचे अधिकारी, हितग्राहियों से किया सीधा संवाद; 110 हितग्राहियों को नोटिस, जल्द आवास पूरा करने के निर्देश

 

सुशील जायसवाल

पोड़ी-उपरोड़ा।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने को लेकर जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा ने अब सख्त रुख अपनाया है। लंबे समय से लंबित आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत लेपरा में विशेष अभियान चलाकर आवास निर्माण की जमीनी स्थिति की जांच की गई। इस दौरान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी निर्मलकर स्वयं मैदानी अमले के साथ गांव पहुंचे और हितग्राहियों के घर-घर जाकर आवास निर्माण की प्रगति का जायजा लिया।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि स्वीकृति मिलने के बावजूद आवास निर्माण शुरू करने या उसे समय पर पूरा करने में आखिर किस प्रकार की दिक्कतें सामने आ रही हैं। निरीक्षण के दौरान जिन हितग्राहियों के आवास निर्माण की गति बेहद धीमी पाई गई या जिन्होंने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था, उन्हें तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में आवास पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

 

लंबित आवासों की संख्या अधिक होने पर लेपरा पंचायत का चयन

 

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवास स्वीकृत किए जाते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कई स्थानों पर स्वीकृत आवासों का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पाने से हितग्राहियों को योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है।

 

इसी स्थिति को देखते हुए जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा द्वारा क्षेत्र में लंबित आवासों की समीक्षा की गई। समीक्षा में ग्राम पंचायत लेपरा में लंबित आवासों की संख्या अधिक पाए जाने के बाद यहां विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के दौरान पंचायत के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में अलग-अलग दल बनाकर मैदानी स्तर पर आवासों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई गई।

 

घर-घर पहुंची टीम, हितग्राहियों से लिया निर्माण का ब्यौरा

 

विशेष अभियान के दौरान जनपद पंचायत की टीम ने पंचायत के सभी वार्डों और मोहल्लों में जाकर हितग्राहियों से मुलाकात की। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वीकृत आवासों की वर्तमान स्थिति, निर्माण शुरू होने की स्थिति, निर्माण कार्य में हुई प्रगति तथा कार्य में आ रही बाधाओं के संबंध में जानकारी ली।

 

इस दौरान जनपद पंचायत CEO निर्मलकर सहित मैदानी अमले ने हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। अधिकारियों ने यह भी समझने का प्रयास किया कि आवास निर्माण में देरी का कारण आर्थिक समस्या, निर्माण सामग्री की उपलब्धता, मजदूरों की समस्या अथवा अन्य कोई स्थानीय परेशानी तो नहीं है। संबंधित हितग्राहियों को आवश्यकतानुसार मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।

 

110 हितग्राहियों को जारी किए गए नोटिस

 

विशेष अभियान के दौरान कुल 110 हितग्राहियों को नोटिस जारी किए गए। इनमें ऐसे हितग्राही शामिल हैं, जिन्होंने अब तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया है अथवा जिनके आवास निर्माण की गति बेहद धीमी पाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के अनुरूप निर्माण कार्य पूरा करना आवश्यक है।

 

अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिन हितग्राहियों ने अभी तक निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें तत्काल कार्य प्रारंभ करने तथा जिनके आवास अधूरे हैं, उन्हें तेजी से निर्माण पूर्ण करने को कहा गया।

 

पीला नोटिस और अंतिम चेतावनी के रूप में लाल नोटिस

 

अभियान के दौरान आवास निर्माण की स्थिति के आधार पर हितग्राहियों को नोटिस भी प्रदान किए गए। अधिकारियों के अनुसार स्थिति के अनुरूप पीला नोटिस तथा अंतिम चेतावनी के रूप में लाल नोटिस दिया गया। इसका उद्देश्य हितग्राहियों को लंबित आवासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए सचेत करना है।

 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा करना होगा। अभियान के माध्यम से पंचायत स्तर पर लंबित आवासों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के साथ ही निर्माण कार्य को गति देने का प्रयास किया गया।

 

CEO निर्मलकर ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी

 

विशेष अभियान की खास बात यह रही कि जनपद पंचायत CEO निर्मलकर स्वयं मैदानी अमले के साथ हितग्राहियों के बीच पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर आवासों की स्थिति देखी तथा हितग्राहियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहते हुए प्रत्येक लंबित आवास की वास्तविक स्थिति की जानकारी मौके पर जाकर ली जाए।

 

CEO खगेश निर्मलकर,ने हितग्राहियों से आवास निर्माण में आ रही परेशानियों के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं, उनके आवास निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जाएगी।

 

पूरा प्रशासनिक अमला रहा अभियान में शामिल

 

लेपरा पंचायत में चलाए गए इस विशेष अभियान में जनपद पंचायत का पूरा मैदानी अमला सक्रिय रहा। अभियान में NRLM की टीम, आवास टीम, SBM समन्वयक, संकाय सदस्य, सरपंच, सचिव तथा रोजगार सहायक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

 

टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर हितग्राहियों से संपर्क किया और आवास निर्माण की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याओं को समझने के साथ-साथ हितग्राहियों को योजना के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी।

 

आवास निर्माण में आ रही समस्याओं का भी किया गया समाधान

 

अभियान का उद्देश्य केवल नोटिस जारी करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों की समस्याओं को समझकर उन्हें आवास निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी रहा। कई हितग्राहियों से अधिकारियों ने निर्माण में आ रही परेशानियों के संबंध में जानकारी ली।

 

मैदानी स्तर पर सामने आई समस्याओं को संबंधित विभागीय अमले के संज्ञान में लाकर उनके निराकरण की दिशा में पहल करने की बात कही गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों से कहा कि योजना का लाभ तभी पूर्ण रूप से मिल पाएगा, जब स्वीकृत आवास का निर्माण समय पर पूरा होगा।

 

लंबित आवासों पर अब लगातार होगी निगरानी

 

लेपरा पंचायत में चलाए गए विशेष अभियान के बाद अब लंबित आवासों की प्रगति पर लगातार नजर रखने की तैयारी है। नोटिस प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर आगामी दिनों में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

 

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास गरीब परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में विभाग द्वारा लंबित आवासों को समय पर पूर्ण कराने के लिए चलाया गया यह अभियान योजना की जमीनी प्रगति की निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत आवासों का निर्माण समय पर पूरा कराने के लिए पंचायत स्तर से लेकर जनपद स्तर तक निगरानी जारी रहेगी। विशेष अभियान के दौरान जिन हितग्राहियों को नोटिस दिया गया है, उनके आवास निर्माण की स्थिति पर आगे भी नजर रखी जाएगी, ताकि लंबे समय से लंबित आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जा सके।