दर्री शराब दुकान में स्टॉक खत्म, बाहर ऊंचे दामों पर धड़ल्ले से बिक्री — जिम्मेदार कौन?

✍️ भागीरथी यादव 

सरकारी दुकान में शराब नहीं, बाहर खुलेआम महंगे दाम पर मिल रही — व्यवस्था पर उठे सवाल

दर्री (कोरबा):

 

दर्री क्षेत्र में इन दिनों शराब की उपलब्धता को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। स्थानीय शराब दुकान में  देसी शराब नहीं मिल पा रही है  जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहां सरकारी दुकान खाली है, वहीं बाहर अवैध रूप से शराब बेचने वालों के पास वही शराब आसानी से उपलब्ध है—लेकिन ऊंचे दामों पर।

सूत्रों के मुताबिक, दुकान में लगातार स्टॉक खत्म होने की शिकायत सामने आ रही है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में कुछ लोग खुलेआम शराब की बिक्री कर रहे हैं। इन बाहरी विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों से निर्धारित कीमत से कहीं अधिक रकम वसूली जा रही है। इससे न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। यदि सरकारी दुकान में बार-बार स्टॉक खत्म हो रहा है, तो आखिर वही शराब बाहर कैसे पहुंच रही है? क्या इसमें अंदरूनी लापरवाही या किसी तरह की साठगांठ शामिल है?

इस मामले में आबकारी विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। मांग  है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध बिक्री पर रोक लग सके और आम लोगों को उचित दर पर शराब उपलब्ध हो सके।

अब बड़ा सवाल यह है—जब सरकारी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में हो, तो आम जनता आखिर भरोसा किस पर करे?